नीलम रत्न: फायदे, नुकसान और पहनने के नियम

ब्लू सफायर को वेदिक एस्ट्रोलॉजी में नीलम के नाम से जाना जाता है। इसे मोस्ट पावरफुल और फास्ट एक्टिंग जेमस्टोन माना जाता है। यह शनि से जुड़ा जेमस्टोन है, जो कि आपके जीवन में फास्ट सक्सेस, डिसिप्लिन और स्टेबिलिटी लाने के लिए पहना जाता है। लेकिन अगर आपकी कुंडली में शनि की स्थिति अच्छी नहीं है, तो यह जेमस्टोन आपको डिफिकल्टी भी दे सकता है। यहां तक कि आपका एक्सीडेंट भी करा सकता है। 

नीलम से जुड़े प्लैनेट और रशियां

नीलम यानी की ब्लू सफायर शनि देव के लिए पहना जाता है। अगर राशियों की बात करें, तो इसे कैप्रीकॉर्न (मकर) एंड एक्वेरियस (कुंभ) राशि वाले जातक भी धारण कर सकते हैं। शनि को कर्म का देवता कहा जाता है, जो कि जस्टिस, डिसिप्लिन पेशेंस, रिस्पांसिबिलिटी और लंबे समय में हासिल किए जाने वाले रीवार्ड्स से सम्बन्धित हैं।

Blue sapphire क्या होता है 

नीलम एक महंगा जेमस्टोन है, जो की कोरंडम फैमिली का होता है। यह डायमंड के बाद सबसे ज्यादा हार्ड स्टोन कहलाता है। यह ब्लू कलर के अलग-अलग शेड्स में पाया जाता है। जिसमें आपको लाइट स्काई ब्लू से लेकर दीप रॉयल ब्लू कलर तक देखने को मिल जाते हैं। 

ब्लू सफायर की कौन-कौन सी किस्म होती हैं ?

मार्केट में अधिकत्तर चार तरह के ब्लू सफायर आपको देखने को मिलते हैं। जिसमें सबसे अच्छा सिलोन श्रीलंका ब्लू सफायर माना जाता है। उसके बाद दूसरा कश्मीरी ब्लू सफायर होता है, जो की एक्सपेंसिव होता है और बहुत ज्यादा रेयर होता है। यह इंडिया के कश्मीर प्रदेश में पाया जाता है।

इनके बाद दो सस्ती किस्म के ब्लू सफायर भी मार्केट में पाए जाते हैं, जिन्हें अफ्रीकन ब्लू सफायर और बर्मी या थाईलैंड ब्लू सफायर कहा जाता है, जो की बहुत ज्यादा महंगे नहीं आते हैं, और इनमें बहुत ज्यादा ट्रांसपेरेंसी नहीं पाई जाती है। थाईलैंड के ब्लू सफायर को ट्रीटेड ब्लू सफायर भी कहते हैं, जो की एस्ट्रोलॉजी में इस्तेमाल नहीं किए जाते हैं। ज्यादातर ज्वेलरी के लिऐ पहने जाते हैं। 

ब्लू सफायर पहनने के फायदे 

अगर आपकी कुंडली में शनि देव बहुत अच्छी स्थिति में बैठे हैं, तो ब्लू सफॉयर आपकी जिंदगी को बदल सकता है। अगर आप ब्लू सफॉयर पहनते हैं, तो आपको कुछ इस तरह के इफेक्ट देखने को मिल सकते हैं। अचानक से फाइनेंशियल ग्रोथ मिलना, करियर में एनहैंसमेंट होना, अगर आप किसी गवर्नमेंट पोजीशन पर हैं, तो आपकी अथॉरिटेटिव पोजीशन का बढ़ना।

शनि की साडेसाती या ढैया चल रही है, तो उसमें आपको आने वाली समस्याओं से राहत मिलना। आपकी निर्णय लेने की क्षमता की वृद्धि, मानसिक रूप से आपकी स्ट्रैंथ पड़ेगी और ज्यादा डिसिप्लिन आएगा। आपके दुशमन आपके सामने टिक नहीं पायेंगे और अगर आप किसी बिजनेस में है, या जो भी प्रोफेशन में हैं, वहां पर आपको स्टेबिलिटी देखने को मिलेगी। ब्लू सफायर के क्विक रिजल्ट देने के कारण इसको इंस्टेंट रिजल्ट जेमस्टोन भी कहा जाता है।

ब्लू सफॉयर पहनने के साइड इफेक्ट 

Neelam तभी आपको नुकसान पहुंचता है, जब इसे बिना सजेशन के पहनते हैं। अगर आपकी कुंडली में शनि की स्थिति ठीक नहीं है, तो यह आपको फाइनेंशियल लॉस दे सकता है, एक्सीडेंट या इंज्रीज कर सकता है, मेंटल स्ट्रेस दे सकता है, डर दे सकता है, बहुत सारे हेल्थ इश्यूज दे सकता है, एवं रिलेशनशिप प्रॉब्लम्स भी दे सकता है। इसलिए आपको कभी भी बिना कुंडली दिखाएं ब्लू सफायर नहीं पहनना चाहिए। 

ब्लू सफायर को कौन पहन सकता है ?

जिन लोगों की कुंडली में शनि बेनिफिक रिजल्ट दे रहे हैं या योग कारक हैं, मतलब कि आपकी कुंडली के लग्न चार्ट में बहुत अच्छी स्थिति में शनि बैठे हैं और कम डिग्री के हैं, तो आप ब्लू सफायर धारण कर सकते हैं। कुछ लोग मून साइन यानी कि अपनी राशि देख करके भी ब्लू सफॉयर पहनना चाहते हैं, तो कैप्रीकॉर्न (मकर) और एक्यूरियस (कुंभ) राशि के लोग इसको पहन सकते हैं।

लेकिन कभी भी कोई एस्ट्रोलॉजर आपको सजेस्ट नहीं करता है, कि आप सिर्फ राशि के आधार पर कोई भी जेमस्टोन धारण करें। क्योंकि आपके उस प्लेनेट की पोजीशन गलत भी हो सकती है, जिससे वही स्टोन आपको गलत रिजल्ट भी दे सकता है। अगर आप शनि की अंतर्दशा या महादशा से गुजर रहे हैं, तब भी आप शनि का स्टोन पहन सकते हैं। 

पहनने से पहले कैसे पता करें कि यह सूट करेगा या नहीं 

कुछ लोग ब्लू सफायर पहनना चाहते हैं, लेकिन वह डरते हैं, कि कहीं यह उनको कोई नुकसान ना कर दे। इसके लिए कुछ टेस्ट है, जो आप पहले कर सकते हैं। अगर आपको ब्लू सफायर सूट करे तभी आप उसको पहन सकते हैं। इसलिये आप इस स्टोन को किसी ब्लू कलर के कपड़े में लपेट के अपने पास रख सकते हैं या अपने तकिए के नीचे रखकर सो सकते हैं। अगर 3 से 7 दिन में आपको कोई भी निगेटिव इफेक्ट नहीं होता है, तो आप इसे पहन सकते हैं। 

कैसे पहने ब्लू सफायर 

अगर मेटल की बात करें, तो सिल्वर या पंचधातु में पहनना शुभ माना जाता है। कुछ लोगों की कुंडली में गुरु की पोजीशन अगर शनि के साथ है, तो गोल्ड में भी ब्लू सफॉयर पहनने को बोला जाता है। यह आप अपने मिडिल फिंगर (बीच वली उंगली) में पहनते हैं। शनिवार का दिन इसको पहनने के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है। पहनने से पहले 108 बार ओम सम शनिश्चराय नमः मंत्र का जाप करना अनिवार्य है।

ब्लू सफॉयर पहनने के लिए स्टोन का वजन कितना होना चाहिए? 

कोई भी स्टोन जब पहनते हैं, तो वह रत्ती या कैरेट के बजन में आता है, तो आपको यह पता होना चाहिए कि आपको कितने कैरेट या रत्ती का स्टोन पहनना चाहिए। इसका एक पैरामीटर है कि आपके बॉडी वेट का 1/12 कर सकते हैं। जो भी संख्या निकल कर आती है उससे 0.5 कम या 0.5 ज्यादा कैरेट का स्टोन आप धारण कर सकते हैं। 

कैसे पता करें की ब्लू सफॉयर असली है या नकली 

जो असली ब्लू सफायर होते हैं, उसमें अंदर आपको इंक्लूजन यानी कि रेशे टाइप के दिख जाते हैं, जो की एक नेचुरल ब्लू सफायर में ही देखने को मिलते हैं। बहुत ज्यादा शाइनिंग नहीं होती है। अगर बहुत ज्यादा शाइनिंग है, तो स्टोन बहुत महंगा होगा या फिर हीटेड/ ट्रीटेड होगा। स्टोन के साथ ट्रस्टेड लैब का सर्टिफिकेशन भी होना चाहिये। बाकी कलर और ट्रांसपेरेंसी बैलेंस मात्रा में स्टोन में होनी चाहिए।

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