Krishna’s Inspiration: वर्तमान में जीने का रहस्य | श्रीकृष्ण की प्रेरणादायक सीख

आपने कभी सोचा है, क्यों कुछ लोग शांत, आत्मविश्वासी और सफल रहते हैं, चाहें जिदंगी कितनी भी कठिन परिस्थिति में हो। इसकी जबाव आपको कृष्ण जी की जिंदगी और उनकी Teaching से मिल सकता है। समय और उम्र किसी का इंतजार नहीं करते वो अपनी गति से बढ़ते रहते हैं और हमें हर एक गुजरते लम्हें के साथ नयी नयी सीख देते रहते हैं। उससे कुछ सीखने के बजाय हम फालतू की चिंताओं में डूबे रहते हैं, जिनका कोई अन्त नहीं है और इसमें हम अपनी जिदंगी का कीमती समय वर्बाद कर देते हैं।

जिदंगी का महत्वपूर्ण समय वर्तमान है

ध्यान रखिऐ आप अपने भूतकाल के बारे में सिर्फ उतना ही सोचिये जितना उस से सीख कर आगे काम आ सके। भविष्य के बारें में भी केवल उतना ही सोचिये जितना भविष्य की प्लानिंग के लिए जरुरत है। लेकिन आपकी पूरी Attention केवल वर्तमान में होनी चाहिये क्योंकि आप ही वो दिन है जिसमें आप अपनी सफलता कि कहानी लिख सकते हैं।

भगवान कृष्ण का जीने के तरीका

भगवान कृष्ण की शक्तियों कि कल्पना भी नहीं की जा सकती पर उनके जीवन को जीने के तरीके से हम कुछ चीजें सीख सकते हैं और अपनी जिदंगी को आसान बना सकते हैं। उनकी बुद्धि, निर्णय झमता, लीडरशिप और किसी भी स्तिथि में खुद को शांत रखने की कला लाखों लोगों को प्रेरित करती है।

भागवान कृष्ण का सबसे बड़ा गुण था उनकी मुस्कान। कठिन से कठिन समय में भी उनके चेहरे से वो शांतिपूर्ण मुस्कान दूर नहीं होती थी। उनकी शांत मुस्कान इस बात का प्रमाण था कि वो कठिन से कठिन समय में भी अपने अदंर धैर्य और आत्म विश्वास रखते थे।

जो व्यक्ति कठिन परिस्तिथि में भी अपने चेहरे पर मुस्कान रखता है, उसके अंदर स्वंय भागवान कृष्ण का वास होता है। ऐसे व्यक्ति कठिन समय में भी सही निर्णय लेने में सक्षम होते हैं और अंदर से शांत और खुश रहते हैं।

वर्तमान में रहने की ताकत

भगवान कृष्ण कभी भी अपनी एनर्जी भूतकाल के बारे में सोच कर व्यर्थ नहीं करते थे, और ना ही भविष्य के बारे में चिंता करते थे। बजाय इसके वह अपनी जिंदगी के सबसे कठिन समय को भी अवेयरनेस, धैर्य, साहस और बुद्धि के साथ उसका सामना करते थे। यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण कारण था बार-बार उनके विजय होने का।

ऐसा कहा जाता है, कि जब भी कृष्ण जी किसी सफल युद्ध से विजई होकर वापस आते थे, तो उनके कुछ मित्र उनसे पूछते थे, कि आप कैसे हर एक चैलेंज को पार कर लेते हैं, इसका जवाब कृष्ण जी मुस्कुरा कर देते थे-

मित्रों जो लोग वर्तमान में जीना सीख लेते हैं, वह सफलता के अनेकों रास्ते ढूंढ लेते हैं

कहने को तो यह बहुत ही पुरानी लर्निंग है, लेकिन आज भी जिंदगी में बहुत ही सटीकता से फिट बैठती है। इस मैसेज में बहुत ही मीनिंगफुल लेसन छुपा है, जिसको अगर हम सीख लेते हैं, तो हमारी जिंदगी भी बदल सकती है।

हमारा दिमाग या तो अपने भूतकाल में फंसा रहता है। जिसमें हम रिग्रेट करते रहते हैं। या फिर फ्यूचर की आने वाली समस्याओं की चिंता करते रहते हैं। इसमें होता यह है, कि वर्तमान में जो सफलता के रास्ते मौजूद हैं, वह हमें दिखाई नहीं देते। वहीं अगर हम पूरी तरह से वर्तमान में मौजूद रहेंगे, भला से हमारी जिंदगी का कठिन समय ही क्यों ना चल रहा हो, तो हम बहुत ही क्लेरिटी और कॉन्फिडेंस के साथ उस समस्या का समाधान ढूंढ सकते हैं।

कृष्ण हमारे अंदर ही हैं।

भगवान कृष्ण कोई ऐसे भगवान नहीं है, जिन्हें आप बाहर ढूंढ रहे हैं, उनकी डिवाइन विजडम हर एक मनुष्य के दिल में मौजूद है। हमें बस साधारण तरीके से अपने अंदर झांकना पड़ेगा। अपने अंदर की कॉन्शियसनेस को जगाना पड़ेगा। 

जो व्यक्ति इस बात को स्वीकार करता है, की समय बदलता रहता है, जिंदगी में कठिनाइयां आती रहती हैं, और वह अपनी जिंदगी के हर एक चैलेंज को एक अवसर की तरह देखा है। ऐसा व्यक्ति नामुमकिन चीजों को भी अपने एक्शन से जिंदगी में ला सकता है। वह कभी परिस्थिति का गुलाम नहीं बनता। ऐसे व्यक्ति खुद परिस्थितियों को बनाते हैं, और उन पर अपनी बुद्धिमत्ता और सकारात्मक एक्शन के साथ सफलता की नई कहानियां लिखते हैं।

चलिये आज एक वादा करते हैं खुद से

  • आज से अपने भूतकाल के बारे में कोई भी पछतावा नहीं करेंगें।
  • भविष्य के बारे में बहुत अधिक सोच कर और चिंता करके खुद को परेशान नहीं करेंगे।
  • पूरी लगन और शिद्दत से वर्तमान में रहने की कोशिश करेंगे और जो भी बेस्ट हो सकता है एक्शन लेंगे।

ये भगवान कृष्ण का मैसेज है आपके लिये। यह वो सच है जो आपकी सोच और जिंदगी को बदल सकता है। और आप अंदर से शांत, और सुकून महसूस करेंगे।

राधे-राधे। जय श्रीकृष्ण।

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